
झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन की ऐतिहासिक जीत हुई है। यह जीत न केवल राज्य में भाजपा के विजय रथ को रोकने में सफल रही, बल्कि झारखंड के 24 साल के इतिहास में पहली बार एक सरकार लगातार दो बार सत्ता में वापसी करने में सफल रही। इस बार, गठबंधन ने 81 सीटों में से 56 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। हालांकि, चुनावी नतीजों के बावजूद हेमंत सोरेन के मंत्रिमंडल के चार प्रमुख मंत्रियों को करारी हार का सामना करना पड़ा।
56 सीटों के साथ झारखंड में इंडिया गठबंधन की ऐतिहासिक जीत
झारखंड विधानसभा में 81 सीटें हैं, जिसमें इंडिया गठबंधन ने 56 सीटें जीतकर अभूतपूर्व बहुमत हासिल किया। इस जीत ने न केवल राज्य की राजनीति में भाजपा के विजय रथ को रोक दिया, बल्कि गठबंधन के लिए राज्य की जनता का विश्वास भी जीता। भाजपा को इस चुनाव में केवल 24 सीटों पर संतोष करना पड़ा। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन ने राज्य के प्रमुख क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया, जिससे झामुमो और उनके गठबंधन सहयोगियों की स्थिति मजबूत हुई।
चार मंत्रियों को मिली हार
हालांकि, हेमंत सोरेन की सरकार की जीत के बावजूद, उनके मंत्रिमंडल के चार मंत्री चुनावी मैदान में हार गए। इन मंत्रियों में जल संसाधन मंत्री मिथिलेश ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम, और समाज कल्याण मंत्री बीबी देवी शामिल हैं।
1. बन्ना गुप्ता (जमशेदपुर पश्चिम) को जेडीयू के सरयू राय से 7,863 मतों से हार का सामना करना पड़ा।
2. मिथिलेश ठाकुर (गढ़वा) को भाजपा के सत्येंद्र नाथ तिवारी ने 16,753 मतों के अंतर से हराया।
3. बैद्यनाथ राम (लातेहार) को भाजपा के प्रकाश राम से केवल 434 मतों के मामूली अंतर से हार मिली।
4. बीबी देवी (डुमरी) को जेएलकेएम के जयराम कुमार महतो ने 10,945 मतों से हराया।
बीबी देवी को इस पद पर नियुक्ति तब हुई थी, जब उनके पति जगरनाथ महतो का निधन हो गया था।
मईयां सम्मान योजना का मिला झामुमो को लाभ
झामुमो के बीबी देवी द्वारा शुरू की गई मईयां सम्मान योजना ने राज्य में महिलाओं के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की। इस योजना के तहत, 18 से 50 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिसे अब बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रति माह करने का वादा किया गया है। इस योजना से लगभग 57 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं, और इसका झामुमो की चुनावी जीत में अहम योगदान रहा।
झारखंड में झामुमो और इंडिया गठबंधन की मजबूत पकड़
हेमंत सोरेन की अगुवाई में, झारखंड के छह क्षेत्रों कोल्हान, संताल, कोयलांचल, उत्तरी छोटानागपुर, दक्षिणी छोटानागपुर और पलामू में से पांच क्षेत्रों में झामुमो और उनके गठबंधन को जबरदस्त सफलता मिली। इस चुनाव के साथ, झारखंड में पहली बार कोई सरकार लगातार दो बार सत्ता में आई है, जो राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।
भाजपा को भारी नुकसान
वहीं दूसरी ओर, भाजपा को इस चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा। पिछले चुनाव के मुकाबले पार्टी को चार सीटों का नुकसान हुआ और उसे केवल 24 सीटों पर संतोष करना पड़ा। भाजपा ने 68 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन उसे मात्र 24 सीटें ही मिल पाईं। इसके साथ ही, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन को बधाई दी, और यह माना कि चुनावी नतीजे भाजपा के लिए अप्रत्याशित थे।
एनडीए की सहयोगी पार्टी आजसू का प्रदर्शन
एनडीए की प्रमुख सहयोगी पार्टी आजसू ने 10 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसे केवल एक सीट पर विजय मिली। आजसू के अध्यक्ष सुदेश महतो खुद चुनाव हार गए, जो पार्टी के लिए एक बड़ा झटका था।
झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन की ऐतिहासिक जीत ने राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा है। जहां एक तरफ झामुमो और उनके गठबंधन को ऐतिहासिक सफलता मिली, वहीं चार मंत्रियों की हार और भाजपा का नुकसान यह दर्शाता है कि राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आ रहा है। अब देखना यह होगा कि हेमंत सोरेन की सरकार इस जीत के बाद राज्य के विकास और जनता की उम्मीदों को कैसे पूरा करती है।
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